Google Play Store ने “हानिकारक” विज्ञापनों दिखाने वाली लगभग 600 एंड्रॉयड ऐप्स को हटा दिया है। इसकी जानकारी कंपनी ने गुरुवार को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए दी है। ऐप्स हटाने की घोषणा के साथ-साथ, सर्च इंजन दिग्गज ने यह भी बताया है कि उसने इन ऐप्स को अपने विज्ञापन मॉनिटाइजेशन प्लेटफार्मों Google AdMob और Google Ad Manager पर भी बैन कर दिया है। ऐसा इन ऐप्स द्वारा गूगल की विज्ञापन नीतियों का उल्लंघन करने और अंतर्राज्यीय नीतियों को अस्वीकारने के चलते किया गया है। स्मार्टफोन अडॉप्शन में होने वाली बढ़ोतरी के चलते हाल के दिनों में मोबाइल विज्ञापन से संबंधित धोखाधड़ी काफी बढ़ गई है।

गूगल के अनुसार, हानिकारक विज्ञापन यूज़र्स को अनपेक्षित तरीके से दिखाए जाते हैं, जिनमें डिवाइस की उपयोगिता को खराब करना या उसमें हस्तक्षेप करना शामिल होता है। इसे स्पष्ट शब्दों में समझाते हुए गूगल ने कहा है कि ये विज्ञापन एक स्पेशल तरीके से पॉप-अप होते हैं, जिसके कारण इन पर अनजाने में क्लिक हो जाते हैं और यहां तक कि इन विज्ञापनों को खारिज करने के लिए एक स्पष्ट साधन भी नहीं दिया जाता है।

गूगल का कहना है कि यह एक गलत पैंतरेबाज़ी है, जिसके कारण यूज़र्स का स्मार्टफोन अनुभव खराब होता है। Google का दावा है कि इस तरह के गलत ऐड दिखाने वाली ऐप्स को जांचने के लिए कंपनी के पास एक स्पेशनल मशीन लर्निंग तरीका है। आगे कंपनी ने यह भी बताया है कि गलत विज्ञापनों अवैध ट्रैफिक पाने वाली ऐप्स से होने वाले खतरों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए कंपनी नई तकनीकों को लाने की योजना बना रही है।

Bjorke ने BuzzFeed News को बताया है कि Google Play Store से जिन ऐप्स को हटाया गया है, वे मुख्य रूप से चीन, हांगकांग, भारत और सिंगापुर में स्थित डेवलपर्स द्वारा बनाए गए थे। हालांकि, इन एप्लिकेशन और डेवलपर्स के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

बता दें कि इसी तरह पिछले साल जुलाई में गूगल ने चीनी डेवलपर CoTTek पर एक ऐडवेयर प्लगइन का उपयोग कर ऐप उपयोग में नहीं होने पर भी हानिकारक विज्ञापन भेजने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

(With inputs from ndtv)